कक्षा कक्ष में हमारे प्रयास

कक्षा कक्ष में हमारे प्रयास 


यदि आप अपने विद्यालय में, कक्षा कक्ष में ये बातें अपनाते हैं तो आप एक जागृत शिक्षक हैं और आप नवाचार के समर्थक हैं
1 अपने शिक्षण में विविधता लाएं:
विद्यार्थी अलग अलग तरीकों से सीखते हैं। कुछ विद्यार्थियों को लिखना पसंद होता है; तो कुछ अन्य को अपने विचार निरूपित करने के लिए माइंड मैप या चित्र बनाना अच्छा लगता है। कुछ विद्यार्थी अच्छे श्रोता होते हैं; कुछ अन्य तब सर्वश्रेष्ठ ढंग से सीखते हैं जब उन्हें अपने विचार के बारे में बात करने का अवसर प्राप्त होता है। आप हर समय सभी विद्यार्थियों के अनुरूप नहीं कर सकते हैं लेकिन आप अपने शिक्षण में विविधता पैदा कर सकते हैं और विद्यार्थियों को उनके द्वारा किए जा सकने के लिए कुछ अधिगम गतिविधियों में से अपना विकल्प चुनने का अवसर दे सकते हैं।
2 रोजमर्रा की जिंदगी से अधिगम को जोड़ें:
कुछ विद्यार्थियों को वे बातें अपने रोजमर्रा की जिंदगी के लिए अप्रासंगिक लग सकती हैं जिन्हें आप उनसे सीखने के लिए कहते हैं। आप इसे यह सुनिश्चित करने के द्वारा संबोधित कर सकते हैं कि जब भी संभव हुआ आप उस अधिगम को उनके लिए प्रासंगिक संदर्भ से जोड़ कर दिखाएंगे और आप उनके खुद के अनुभव से उदाहरण द्वारा निरूपित करेंगे।
3 भाषा का उपयोग:
अपने द्वारा प्रयोग की जाने वाली भाषा को लेकर सचेत रहें। सकारात्मक और प्रशंसात्मक भाषा का प्रयोग करें, विद्यार्थियों का उपहास न उड़ाएं। हमेशा उनके व्यवहार पर टिप्पणी करें, न कि स्वयं उन पर। ’तुम मुझे आज परेशान कर रहे हो’ जैसे वाक्य बेहद व्यक्तिगत होते हैं, इसके बजाय आप इसे ’आज मुझे तुम्हारा व्यवहार कष्टप्रद लग रहा है, क्या कोई कारण है जिससे तुम्हें चलते ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल हो रही है?’ के रूप में बेहतर ढंग से व्यक्त कर सकते हैं।
4 रूढ़िवादिता को चुनौती दें:
उन संसाधनों का प्रयोग करें और पता लगाएं जो लड़कियों को गैर-रूढ़िवादी भूमिकाओं में प्रस्तुत करता है या रोलमॉडल के रूप में वैज्ञानिक आदि महिलाओं को विद्यालय में आने के लिए निमंत्रित करें। लिंग को लेकर आप स्वयं की रूढ़िवादिता के प्रति सचेत रहें; आप जानते हैं कि लड़कियां खेलकूद के क्षेत्र में भी भाग लेती हैं वहीं लड़के देखभाल वाले कार्यों में भी पाए जाते हैं, लेकिन प्रायः हम इन्हें अलग ढंग से व्यक्त करते हैं, क्योंकि हम इसी तरीके से समाज में बात करने के अभ्यस्त होते हैं।
5 एक सुरक्षित, सुखद अधिगम वातावरण का निर्माण करें:
यह जरूरी है कि सभी विद्यार्थी विद्यालय में सुरक्षित और प्रसन्नचित्त महसूस करें। आप ऐसी स्थिति में होते हैं जिसमें आप अपने विद्यार्थियों को एक दूसरे के लिए परस्पर सम्मान और मित्रतापूर्ण व्यवहार के लिए प्रोत्साहित कर प्रसन्नचित्त महसूस करा सकें। इस बात पर विचार करें कि अलग-अलग विद्यार्थियों के लिए विद्यालय और कक्षा को किस तरह विशिष्ट बनाया जा सकता है। इस बारे में सोचें कि उन्हें कहां बैठने के लिए कहा जाना चाहिए और सुनिश्चित करें कि दृश्य या श्रवण बाधा या शारीरिक अक्षमता वाला कोई भी विद्यार्थी अपना पाठ पढ़ने और सीखने के लिए कहां बैठ सकता है। इस बात की जांच करें कि शर्मीले स्वभाव या आसानी से विचलित होने वाले विद्यार्थियों को आप किस तरह आसानी से अपनी गतिविधियों में शामिल कर सकते हैं।
आप भी इसे बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव एवं समर्थन भेज सकते हैं।

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